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सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगों के मुख्य आरोपियों उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका राष्ट्रीय सुरक्षा और यूएपीए प्रावधानों का हवाला देते हुए खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया उनके खिलाफ साजिश के ठोस सबूत हैं और उनकी भूमिका अन्य आरोपियों से अलग है। वहीं, पांच अन्य आरोपियों को 12 शर्तों के साथ सशर्त जमानत दी गई। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि देश की सुरक्षा का सवाल सर्वोपरि है और केवल देरी के आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उमर और शरजील के मामले में जांच और अभियोजन पक्ष के ठोस तथ्य मौजूद हैं। उनके खिलाफ आतंकी गतिविधियों से जुड़े आरोप हैं, जिसमें नागरिकों को नुकसान पहुंचाने और अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने की संभावना शामिल है। कोर्ट ने यह भी बताया कि जमानत बचाव पक्ष के मूल्यांकन का मंच नहीं है और प्रत्येक आरोपी की स्थिति गुणात्मक रूप से अलग होने के कारण अलग-अलग मूल्यांकन आवश्यक है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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