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सुप्रीम कोर्ट ने अजमेर शरीफ दरगाह पर सालाना उर्स के दौरान केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री द्वारा ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की मजार पर चादर चढ़ाने पर रोक लगाने वाली याचिका खारिज कर दी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि याचिका न्यायसंगत नहीं है और इसे तुरंत खारिज किया जाता है। विश्व वैदिक सनातन संघ द्वारा दायर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन में यह तर्क रखा गया था कि इस परंपरा को संवैधानिक मूल्यों और देश की संप्रभुता के खिलाफ बताया गया है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिका खारिज होने का अजमेर कोर्ट में पेंडिंग सिविल केस पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उर्स के मौके पर यूनियन मिनॉरिटी अफेयर्स मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री की ओर से चादर चढ़ाई, जो स्वतंत्र भारत में लगातार आने वाले प्रधानमंत्रियों द्वारा निभाई जाने वाली लंबी परंपरा का हिस्सा है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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