Advertisement
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना के पहले चरण की शुरुआत से बुंदेलखंड के 688 गांवों की तस्वीर बदलने जा रही है। 10 तहसीलों में फैली लगभग 4.16 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलने से किसानों की आय बढ़ेगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और जल संकट से जूझ रहे ग्रामीण इलाकों में नई उम्मीदें जागेंगी। लंबे समय से सूखे और अनियमित बारिश से परेशान छतरपुर के किसान अब स्थायी पानी मिलने की संभावना देख उत्साहित हैं।
परियोजना के तहत गौरिहार में 73,700 हेक्टेयर, छतरपुर में 69,117 हेक्टेयर और बड़ामलहरा-राजनगर में 58 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि में सिंचाई सुविधा मिलेगी। इससे रबी और खरीफ की फसलों में वृद्धि होगी, दोहरी फसल और बागवानी के अवसर बढ़ेंगे। केन नदी पर ढोढन बांध, 218 किलोमीटर लंबी लिंक नहर और दो पावर स्टेशनों के निर्माण से पूरा क्षेत्र जल, सिंचाई और बिजली के मामले में मजबूत होगा। इस परियोजना के पूरा होने के बाद छतरपुर बुंदेलखंड में सबसे बड़ा कृषिगत लाभार्थी जिला बनकर क्षेत्रीय विकास की कहानी लिखेगा।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved ©2026 Kolar News.
Created By:
Medha Innovation & Development |