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शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से एक 6 महीने के मासूम बच्चे की मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में शोक और गुस्से का माहौल है। परिजनों के अनुसार, बच्चे को उल्टी-दस्त की शिकायत थी और इलाज के दौरान उसकी जान चली गई। यह घटना प्रशासन की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। बच्चे की मां साधना साहू का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि 10 साल की मिन्नतों और कठिन गर्भावस्था के बाद उन्हें यह बेटा मिला था। लंबे समय से इलाके में गंदा पानी आ रहा था और दूध कम होने के कारण मजबूरी में उन्हें बच्चे को पानी मिलाकर बाहर का दूध पिलाना पड़ा। मां का दर्द शब्दों में बयां नहीं हो पा रहा है।
बीमारी का बढ़ता कहर, सीएम करेंगे पीड़ितों से मुलाकात
परिवार ने यह भी बताया कि उनकी 10 साल की बेटी को भी पेट दर्द की शिकायत रहती है। मां रोते हुए कहती हैं, “मेरा बच्चा चला गया, पता नहीं और कितने बच्चे इस गंदे पानी की भेंट चढ़ेंगे।” स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, दूषित पानी से अब तक 149 मरीज सामने आ चुके हैं और 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि सूत्रों का कहना है कि यह आंकड़ा 10 से 11 तक हो सकता है। हालात की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव आज पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे। यह मामला न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली और पेयजल व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल बनकर खड़ा हो गया है।
Patrakar Vandana Singh
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