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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए ‘लखपति दीदी’ की तर्ज पर ‘लखपति किसान’ सम्मान देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो किसान एक बीघा भूमि से एक लाख रुपये की आय अर्जित करेंगे, उन्हें राज्य सरकार सार्वजनिक रूप से सम्मानित करेगी। इसके साथ ही बिचौलियों से किसानों को मुक्त करने और उनकी उपज का पूरा लाभ सीधे बाजार में दिलाने के लिए नई व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए गए।
कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने, खेतों में नवीन तकनीक अपनाने और हर संभाग में आदर्श नर्सरी विकसित करने पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि प्रदेश दाल, तिलहन और मक्का उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है, जबकि गेहूं और खाद्यान्न उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। उर्वरक वितरण, फसल बीमा राशि भुगतान, ई–मंडी व्यवस्था और एमपी फार्म गेट ऐप जैसी उपलब्धियों को भी मुख्यमंत्री ने सराहा। नरवाई प्रबंधन के लिए तीन वर्ष की कार्ययोजना और उर्वरक उपलब्धता आसान बनाने के लिए ई-विकास पोर्टल को प्रदेशभर में लागू करने की तैयारी है।
बैठक के दौरान कृषि और उद्यानिकी विभाग की आगामी तीन वर्ष की कार्ययोजना भी प्रस्तुत की गई। इसके तहत सभी नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों में साप्ताहिक जैविक/प्राकृतिक हाट बाजार शुरू किए जाएंगे। ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ दबाव सिंचाई प्रणाली का विस्तार करते हुए 2027–28 तक दो लाख हेक्टेयर भूमि को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, पराली जलाने की घटनाओं में 80% तक कमी लाने और सभी मंडियों को हाईटेक बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। तिलहन–दलहन के क्षेत्र विस्तार, अनुसंधान आधारित खेती और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को मजबूत बनाने पर भी विशेष बल दिया गया।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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