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देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) का परिचालन संकट गुरुवार को भी गहराता गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पूरे देश में 1,000 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जिससे हजारों यात्रियों को घंटों इंतजार, लंबी कतारों और भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। लगातार शिकायतों के बीच DGCA ने कड़ा रुख अपनाया और एयरलाइन से जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
इंडिगो ने DGCA की सख्ती के बीच आधिकारिक बयान जारी कर यात्रियों से माफी मांगी। बयान में कहा गया कि “पिछले दो दिनों में नेटवर्क और संचालन पर व्यापक असर पड़ा है। हम सभी यात्रियों और हितधारकों से क्षमा चाहते हैं। हमारी टीमें DGCA, AAI, BCAS, MOCA और सभी एयरपोर्ट ऑपरेटरों के साथ मिलकर स्थिति को सामान्य करने में लगी हैं।” कंपनी ने यात्रियों से उड़ान की स्थिति जांचते रहने की अपील भी की।
नवंबर इंडिगो के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण महीनों में रहा। सामान्य दिनों में 2,300 उड़ानें संचालित करने वाली इंडिगो को नवंबर में ही 1,232 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। DGCA की जांच रिपोर्ट में सामने आया कि 755 उड़ानें स्टाफ की कमी, 92 ATC फेलियर, 258 एयरपोर्ट प्रतिबंध और 127 अन्य कारणों से रद्द हुईं। नियामक ने एयरलाइन को क्रू बढ़ाने, परिचालन प्लानिंग सुधारने और सेवा गुणवत्ता बेहतर करने के कड़े निर्देश दिए हैं। हालांकि इंडिगो ने स्थिति सामान्य होने का आश्वासन दिया है, पर विशेषज्ञों के मुताबिक स्टाफ की भारी कमी को देखते हुए राहत में अभी समय लगेगा।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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