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नई दिल्ली। भारत दौरे पर आए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन का दूसरे दिन राष्ट्रपति भवन में भव्य राजकीय स्वागत किया गया। सुबह 11 बजे शुरू हुए समारोह में पुतिन को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और 21 तोपों की सलामी से उनका स्वागत हुआ। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहे। भारत में गार्ड ऑफ ऑनर किसी भी विदेशी राष्ट्रप्रमुख को मिलने वाला सर्वोच्च औपचारिक सम्मान है, जिसे केवल राजकीय यात्रा पर आए नेताओं को प्रदान किया जाता है।
समारोह के बाद राष्ट्रपति पुतिन राजघाट पहुंचे, जहां उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वह हैदराबाद हाउस में होने वाली भारत–रूस की 23वीं सालाना समिट में शामिल होंगे। इस बैठक में पीएम मोदी और पुतिन रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, रणनीतिक साझेदारी समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे। बैठक में कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर होने की भी उम्मीद है।
समिट से पहले रूस ने भारत को आर्कटिक शिप बिल्डिंग प्रोजेक्ट में शामिल होने का बड़ा प्रस्ताव दिया है। रूस ने अपने आइस ब्रेकर और भारत की शिप बिल्डिंग क्षमताओं को मिलकर काम करने की पेशकश की है। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रूसी रक्षा मंत्री आंद्रे बेलोउसॉव से मुलाकात की, जिसमें दोनों देशों ने रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत स्वदेशी रक्षा उद्योग को बढ़ाने और रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए तेजी से काम कर रहा है। दोनों देशों ने पुष्टि की कि भारत–रूस संबंध गहरे विश्वास और पारस्परिक सम्मान पर आधारित हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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