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भोपाल। भोपाल मेट्रो के कमर्शियल रन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। ताज़ा अपडेट के अनुसार, किराया निर्धारण में इंदौर मेट्रो मॉडल को अपनाने पर सहमति बन गई है। बोर्ड में प्रस्ताव पहले से लागू है और गुरुवार को हुई समीक्षा बैठक में टिकट व्यवस्था, काउंटर प्रबंधन और फेयर सिस्टम से जुड़ी तैयारियों की विस्तार से जांच हुई। शुरुआत में प्रत्येक स्टेशन पर पांच-पांच टिकट काउंटर खोलने की योजना है। ऑटोमेटिक टिकट फेयर सिस्टम लागू होने के बाद आवश्यकतानुसार काउंटरों की संख्या घटाई या बढ़ाई जाएगी।
मेट्रो का बेस किराया 20 रुपए और पूरे 30 किमी कॉरिडोर के लिए अधिकतम किराया 80 रुपए तय किया गया है। वहीं 6.22 किमी के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर अधिकतम किराया 30 रुपए रखा गया है। पहले दो स्टेशनों के बीच यात्रा के लिए 10 रुपए और आगे पांच स्टेशन तक 15 रुपए अतिरिक्त देने होंगे। शुरुआत में 50% से 75% तक भारी छूट देने की योजना है, जिससे दो स्टेशनों की यात्रा केवल 10 रुपए और पूरे कॉरिडोर की यात्रा मात्र 15 रुपए में संभव होगी। इसके साथ ही संभावना जताई जा रही है कि मेट्रो शुरू होने के पहले 10 दिनों तक यात्रा पूरी तरह फ्री रखी जा सकती है।
मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के पास वर्तमान में सात रैक उपलब्ध हैं। इनमें से तीन रैक को शुरुआती संचालन के लिए तैयार किया गया है, जिनमें प्रति रैक 270 यात्रियों की क्षमता होगी। यात्री संख्या के आधार पर रैक बढ़ाए या घटाए जाएंगे। इंदौर की तरह ही संख्या कम होने पर समय और फ्रीक्वेंसी में बदलाव की संभावना भी रहेगी। फेयर सिलेक्शन कमेटी अंतिम किराया तय करेगी। कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी की एनओसी मिलते ही प्रायोरिटी कॉरिडोर पर कमर्शियल रन की घोषणा कभी भी हो सकती है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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