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छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) में बड़ा बदलाव करते हुए 2500 वर्गफीट से बड़े भू-खण्ड वालों को भी पात्रता सूची में शामिल कर दिया है। पहले बड़ी जमीन वाले आवेदक इस योजना से स्वतः अपात्र माने जाते थे, लेकिन अब यह सीमा पूरी तरह समाप्त कर दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे शहरी क्षेत्रों में आवास निर्माण को बढ़ावा मिलेगा और अधिक जरूरतमंद परिवारों तक योजना का लाभ पहुँच सकेगा।
लाभार्थी आधारित निर्माण (BLC) घटक के दिशा-निर्देशों में संशोधन कर दिया गया है। अब बड़े भू-खण्ड वाले आवेदकों को भी योजना का लाभ मिल सकेगा, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत मिलेगी। निगम आयुक्त सुमीत अग्रवाल के अनुसार, यह बदलाव शहरों में आवास निर्माण की रफ्तार बढ़ाएगा और बड़ी संख्या में वास्तविक लाभार्थी इस योजना के अंतर्गत सहायता प्राप्त कर सकेंगे।
नई व्यवस्था के बावजूद PM आवास योजना (BLC) के लिए आय सीमा पूर्ववत रहेगी। योजना का लाभ पाने के लिए आवेदक की वार्षिक आय तीन लाख रुपये या उससे कम होना आवश्यक है। सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को प्राथमिकता देते हुए उन्हें सुरक्षित, किफायती और बेहतर आवास उपलब्ध कराया जाए। भूमि सीमा हटने से पात्र परिवारों की संख्या बढ़ेगी और अधिक लोगों को अपना घर बनाने में सुविधा मिलेगी।
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