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भोपाल । मध्य प्रदेश में नवंबर में ही ठंड ने इस बार कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। नवंबर के आखिरी हफ्ते से शुरू होने वाली ठंड इस बार पहले सप्ताह से ही हो गई। राजधानी भोपाल में पारा 5.2 डिग्री पहुंच गया, जो 84 साल में सबसे कम रहा। वहीं इंदौर में 25 साल में सबसे ज्यादा सर्दी रही। इस महीने में 16 दिन तक शीतलहर चली, जबकि 18 दिन न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। वहीं अब दिसंबर महीने में असली सर्दी का दौर शुरू होगा। मौसम विभाग की माने तो दिसंबर में कई शहरों में रात का पारा 5 डिग्री के नीचे पहुंच सकता है। वहीं, कोल्ड वेव भी चलेगी। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग में सबसे ज्यादा असर रहेगा।
मौसम विभाग के अनुसार, इस बार उत्तरी राज्यों में नवंबर के पहले ही सप्ताह में बर्फबारी होने लगी। इस वजह से ठंडी हवाएं प्रदेश में पहुंची। आखिरी सप्ताह में हवा की दिशा बदल गई। जिससे ठंड का असर कम रहा है। नवंबर में सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का।
ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के सभी जिलों में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। यहां बर्फीली हवाएं सीधे आएंगी। भोपाल संभाग के सीहोर-विदिशा में ठंड का जोर रहेगा। सागर संभाग के निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़-पन्ना, रीवा संभाग के मऊगंज, सीधी-सिंगरौली में तेज ठंड पड़ेगी। जबलपुर संभाग के मंडला-डिंडौरी, इंदौर संभाग के इंदौर, धार और झाबुआ में कड़ाके की ठंड रहेगी। मौसम विशेषज्ञों की माने तो दिसंबर में प्रदेश के कई शहरों में कोल्ड वेव यानी सर्द हवाएं चलेंगी। जनवरी में यह 20 से 22 दिन तक चल सकती है।
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