सिवनी । मध्य प्रदेश के सिवनी जिले स्थित पेंच टाइगर रिजर्व से एक मादा बाघिन को राजस्थान के बूंदी जिले स्थित रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो गई। यह अभियान मध्य प्रदेश और राजस्थान वन विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा संचालित किया जा रहा है।
पेंच टाइगर रिजर्व के उपसंचालक रजनीश कुमार सिंह ने शनिवार 29 नवंबर को बताया कि ऑपरेशन शुक्रवार सुबह 6 बजे शुरू हुआ। सबसे पहले रिजर्व क्षेत्र में लगाए गए सभी कैमरा ट्रैप स्टेशनों का निरीक्षण किया गया, लेकिन किसी भी नवीन गतिविधि में बाघिन का मूवमेंट दर्ज नहीं हुआ है। इसके बाद टीमों ने इलाके को 10–12 सर्च यूनिट्स में बांटा और पगमार्क, क्षेत्रीय संकेतों तथा मूवमेंट रूट की तलाश शुरू की। घने जंगलों और दुर्गम क्षेत्रों की सर्चिंग के लिए चार हाथी दल भी तैनात किए गए ताकि खोज में कोई हिस्सा अनदेखा न रह जाए।
पूरे दिन की खोज के बावजूद बाघिन का कोई पता नहीं चला। अधिकारियों के अनुसार, यह सर्च और मॉनिटरिंग अभियान अगले कुछ दिनों तक इसी तरह जारी रहेगा। जैसे ही बाघिन का सुरक्षित रूप से पता लगाया जाएगा, उसे tranquilize कर राजस्थान भेजने की तैयारी की जाएगी। इस संबंध में उपसंचालक सिंह ने बताया कि अभियान पूरी सावधानी, सटीक योजना और दोनों राज्यों के वन विभागों के मजबूत समन्वय के साथ चलाया जा रहा है ताकि बाघिन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहे।