खरगोन । मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के ऐतिहासिक नगर महेश्वर के देवी अहिल्या घाट पर चल रहे तीन दिवसीय निमाड़ उत्सव के दूसरे दिन रविवार की रात विधायक राजकुमार मेव के मुख्य आतिथ्य में गोटीपुआ और राठ नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। पुरी से आए चन्द्रमणि प्रधान और समूह ने ओडिशा के पारंपरिक गोटीपुआ नृत्य की प्रस्तुति दी। बड़ौदा के विजयभाई राठवा और साथियों द्वारा गुजराती जनजातीय नृत्य राठ की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में पद्मश्री जगदीश जोशीला की अध्यक्षता में निमाड़ी कवियों द्वारा काव्यपाठ किया गया। इससे पूर्व लाइट एंड साउंड शो की भी प्रस्तुति हुई, जिसका गत दिवस लोकार्पण किया गया था।
प्रधान और समूह के युवकों ने महिलाओं की वेशभूषा धारण कर भगवान जगन्नाथ और श्रीकृष्ण की स्तुति और राधाकृष्ण प्रसंग की प्रस्तुति दी। समूह ने गोटीपुआ की आकर्षक कलाबाजी और मुद्राओं से दर्शकों का मन मोह लिया। श्री राठवा और समूह द्वारा गुजरात के सुप्रसिद्ध जनजातीय नृत्य राठ की प्रस्तुति ने भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्यतः होली या अन्य खुशी के अवसर पर किए जाने वाले इस नृत्य में जनजातीय वाद्ययंत्रों की ताल पर नृतकों ने ऊर्जावान प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम में निमाड़ी कवियों के काव्यपाठ ने श्रोताओं के बीच ऊर्जा का संचार किया। खरगोन के मोहन परमार, महेश्वर के दिलीप काले, मनावर के राम शर्मा परिंदा, कसरावद के जितेंद्र यादव, जलकोटा के धनसिंह सेन और उमियाधाम करोंदिया के बिहारी पाटीदार गांववाला की हास्य, वीर और भक्ति रस से ओतप्रोत कविताओं का श्रोताओं ने करतल-ध्वनि के साथ देर रात तक आनंद लिया।