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भोपाल । मध्य प्रदेश में सर्दी एक बार फिर तेज होती नजर आ रही है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में फिलहाल दो अलग-अलग मौसम प्रणाली सक्रिय हैं, जिनके प्रभाव से कई जिलों में बादल छाए हुए हैं, जबकि विंध्य क्षेत्र के कुछ इलाकों में घना कोहरा देखने को मिला। इन दोनों सिस्टम की वजह से प्रदेश के मौसम में नमी बढ़ी है और दिन के तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है।
पचमढ़ी का पारा सबसे नीचे, कई जिलों में 10 डिग्री से कम तापमान
प्रदेश का प्रमुख हिल स्टेशन पचमढ़ी बीते 24 घंटों में सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा नौगांव का तापमान 8.2 डिग्री, नरसिंहपुर और मंदसौर का 8.6 डिग्री, शाजापुर का 8.8 डिग्री और राजगढ़ में न्यूनतम 9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। राजधानी भोपाल में भी ठंड का असर साफ दिखा, यहां रात का तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे सुबह और देर शाम की ठिठुरन बढ़ गई।
इसके अलावा इंदौर में तापमान 11.7 डिग्री, ग्वालियर में 12.1 डिग्री, जबलपुर में 12.2 डिग्री और उज्जैन में 12.5 डिग्री दर्ज किया गया। इन शहरों में भले ही तापमान 10 डिग्री से ऊपर रहा, लेकिन हवा में नमी और हल्की ठंडक के कारण सुबह-शाम का मौसम काफी सर्द महसूस हुआ।
अगले पांच दिनों में नहीं चलेगी शीतलहर, लेकिन ठंड से राहत भी नहीं
मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के सक्रिय होने से अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में बादल छाए रहेंगे। कुछ स्थानों पर बहुत हल्की बारिश या बूंदाबांदी भी संभव है, जो न्यूनतम तापमान को प्रभावित कर सकती है। राहत की बात यह है कि आगामी पाँच दिनों तक किसी भी जिले में शीतलहर की स्थिति बनने की संभावना नहीं है। हालांकि, रात का पारा अभी भी सामान्य से नीचे रहेगा, जिससे लोगों को ठंड से पूरी राहत नहीं मिलेगी।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दिसंबर के पहले सप्ताह से सर्दी का असर और बढ़ सकता है, क्योंकि उत्तर भारत में तापमान गिरने के साथ ठंडी हवाएं प्रदेश की ओर बढ़ने लगेंगी। ऐसे में मध्य प्रदेश के ज़्यादातर जिलों में ठिठुरन बढ़ने की पूरी संभावना है। कुल मिलाकर, प्रदेश में फिलहाल मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है और आने वाले दिनों में रात के तापमान में गिरावट हो सकती है।
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