मुरैना । स्वास्थ्य विभाग के लापरवाही माना जाए या फिर किसी की साजिश यह तो जांच के बाद तय होगा, लेकिन गरीब मरीजों को लगने वाली सोडियम क्लोराइड एन एस की बोतल हजारों की संख्या में सड़क पर बिखरी मिलने से स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर प्रश्न चिन्ह अवश्य खड़ा हो गया है।
शनिवार सुबह मप्र के मुरैना जिले के पहाड़गढ़ से कैलारस जाने वाले मार्ग पर अक्टूबर 2025 में निर्मित सोडियम क्लोराइड एन एस की बोतलें मिलने से ग्रामीणों में कोतूहल पैदा हो गया। ग्रामीणों द्वारा दी गई सूचना के बाद मौके पर पहुंचकर पाया कि बोतलों का बैच नंबर ईएनबी 25374 है। वही इन पर लाइसेंस नंबर 01/ एलव्हीपी / एससी/ पी आफ 2018 दर्ज था। बोतल पर एक्सपायरी डेट सितंबर 2027 दर्ज है। इनमें 500 व 200 एम एल की बोतल है।
आश्चर्यजनक किया है क्या अस्पताल से मात्र 500 मीटर की दूरी पर स्थित गैस एजेंसी से कैलारस की ओर लगभग 2 किलोमीटर तक सड़क किनारे बोतलें बिखरी हुई थी। बोतल की पैकिंग भी खुली नहीं थी। मरीज के इलाज में उपयोग होने वाली प्राथमिक दवा सोडियम क्लोराइड एन एस की बोतलों के सड़क पर मिलने से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहाड़गढ़ में भी हड़कंप मच गया। आनन फानन में स्वास्थ्य कर्मचारी बोतल एकत्रित करने पहुंचे, लेकिन दोपहर तक सभी बोतलों को एकत्रित नहीं कर पाए थे।
ग्रामीणजन स्वास्थ्य विभाग की कार्य प्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगा रहे थे कि जहां शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों पर यह बोतल आमतौर पर उपलब्ध नहीं होती विशेष कर ग्रामीण क्षेत्रों में ।वही यह हजारों की संख्या में सड़क पर दिखाई दे रही है। वह भी बिल्कुल नवनिर्मित बोतल सड़क पर मिलने से स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर भी सवालिया निशान खड़ा हो गया है। बहरहाल दोपहर तक कर्मचारी इन बोतलों को एकत्रित करने में लगे थे।इसके विपरीत स्थानीय पहाड़गढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मुखिया इन बोतलों का अपना होना स्वीकार नहीं कर रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहाडगढ के विकास खंड चिकित्सा अधिकारी डाक्टर अजय डंडौतिया का कहना है कि पहाड़गढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को प्रदान किया गया बैच नंबर बोतलों पर दर्ज नहीं है । इसके बावजूद भी जांच कर कर यह पता लगाया जाएगा कि यह बोतल कहां के लिए भेजी गई थी।