भोपाल। मध्य प्रदेश में अगले तीन दिन बारिश के आसार है। प्रदेश के दक्षिणी हिस्से में हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। कुछ जगहों पर बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन तेज बारिश की चेतावनी कहीं भी नहीं है। हालांकि चार दिन पहले ही मानसून ने पूरे प्रदेश से वापसी कर ली है, लेकिन इसके बावजूद कुछ जिलों में अभी भी बारिश का दौर जारी है।
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी अरब सागर और उससे लगे लक्षद्वीप क्षेत्र पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है। 19 अक्टूबर तक कम दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है। वहीं हवाओं का रुख पूर्वी बना हुआ है। जिससे बादल छाए हुए हैं और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी भी हो रही है। मौसम विभाग ने अगले 3 दिन तक प्रदेश के दक्षिणी हिस्से में हल्की बूंदाबांदी होने का अनुमान जताया है। शुक्रवार और शनिवार (17-18 अक्टूबर) को इंदौर, उज्जैन, जबलपुर नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, खंडवा, झाबुआ, धार, आलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, देवास, आगर मालवा, नीमच, देवास, शाजापुर, रतलाम, बैतूल, हरदा, कटनी, सिवनी, नरसिंहपुर, डिंडोरी, बालाघाट और मंडला में बारिश होने की संभावना है।
इस बीच प्रदेश में ठंड ने भी दस्तक देने शुरू कर दी है। प्रदेश के 15 शहरों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात खंडवा में सबसे कम 16 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं दिन का सबसे अधिक 34.2 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो में रिकॉर्ड किया गया। इस बार मध्य प्रदेश में मानसून जमकर बरसा है। कुल 3 महीने 28 दिन बारिश हुई और 10 साल में तीसरी बार सबसे ज्यादा पानी गिरा। वहीं, भोपाल, ग्वालियर समेत 30 जिले ऐसे रहे, जहां बहुत ज्यादा बारिश दर्ज की गई।
इस मानसूनी सीजन में सबसे ज्यादा बारिश गुना जिले में है। जहां पूरे सीजन 65.7 इंच पानी गिर गया, जबकि श्योपुर में औसत के मुकाबले 216.3 प्रतिशत बारिश हुई। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अच्छी बारिश होने से न सिर्फ पेयजल बल्कि सिंचाई के लिए भी भरपूर पानी है। भू-जल स्तर भी बढ़ा रहेगा। हालांकि, शाजापुर ऐसा जिला है, जहां सबसे कम 28.9 इंच यानि 81.1 प्रतिशत ही बारिश हुई है। इससे पहले मौसम विभाग ने पूरे मानसूनी सीजन में प्रदेश में 106 प्रतिशत बारिश होने का अनुमान जताया था, लेकिन 15 प्रतिशत पानी ज्यादा गिर गया।