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डिंडौरी में पानी की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे पर लगाया जाम
Dindori , Villagers upset over, water shortage

डिंडौरी । मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल जिले डिंडौरी में पानी की समस्या को लेकर जनपद करंजिया अंतर्गत ग्राम पंचायत धवाडोंगरी के ग्रामीणों ने गुरुवार की सुबह डिंडौरी से अमरकंटक मार्ग पर कनकधारा के पास चक्का जाम कर दिया। पिछले 9 महीने से नल जल योजना बंद है, जिससे ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। सुबह करीब 9:30 बजे ग्रामीण महिलाएं और पुरुष बर्तन लेकर हाईवे पर बैठ गए, जिससे यातायात बाधित हो गया। सूचना मिलने पर पीएचई विभाग, पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीण माने और 10:30 बजे जाम खुल गया, जिससे आवागमन बहाल हो सका।

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि धवा डोंगरी गांव के पोषक ग्राम कनक धारा में पिछले 9 महीने से नल जल योजना से पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। ग्रामीण कुएं सहित अन्य स्रोतों के दूषित पानी का उपयोग करने मजबूर हैं। गांव में किए गए बोर भी फेल हो चुके हैं। इस संबंध में जिम्मेदारों को भी समस्या से अवगत कराया जा चुका है। उन्होंने कई बार ग्राम पंचायत को इस बारे में जानकारी दी, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। समस्या का समाधान न होने से आक्रोशित ग्रामीण गुरुवार की सुबह लगभग 9 बजे के आसपास सड़क में उतर आए और चक्का जाम कर दिया। जानकारी के मुताबिक एक घंटे बीतने के बाद भी अभी तक कोई जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंच सका है। हाइवे जाम होने से सड़क के दोनों ओर वाहनों के पहिए थम गए है।

डिंडौरी से अमरकंटक मार्ग पर चक्का जाम की सूचना मिलने के बाद थाना प्रभारी गाड़ासरई, पीएचई विभाग के इंजीनियर अंशुल बिसेन, नायब तहसीलदार करंजिया शैलेश गौर राजस्व निरीक्षक, पटवारी सहित पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। इंजीनियर सहित अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को बंद पड़ी नल जल योजना को शुरू कराने का आश्वासन दिया गया। पीएचई इंजीनियर अंशुल बिसेन ने बताया कि सरपंच ईश्वर सिंह ने तीन दिन पहले जानकारी दी थी कि गांव में 70 से 80 नल कनेक्शन हैं। बोरिंग मशीन खराब होने के बाद उसे मरम्मत के लिए भेजा गया था। जब मशीन बनकर वापस आई और उसे बोर में डालने का प्रयास किया गया, तो पता चला कि कुछ असामाजिक तत्वों ने बोर में पत्थर डाल दिए हैं। इंजीनियर बिसेन के अनुसार, पत्थरों के कारण पाइप 20 फीट से नीचे नहीं जा पा रहा है। अब एक नई मशीन बुलाई गई है और नल जल के बंद पड़े बोर की साफ सफाई करने की पहल शुरू की गई। विभाग जल्द से जल्द पेयजल आपूर्ति शुरू करने का प्रयास कर रहा है। उसके बाद ग्रामीण माने और सुबह 9 बजे से लगा जाम 10:30 बजे के आसपास समाप्त हो हुआ। इसके बाद ही इस मार्ग पर आवागमन बहाल हो सका।

 
Kolar News 16 October 2025

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