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नई दिल्ली । देशभर में विद्यालयी शिक्षा के विभिन्न स्तरों पर छात्रों के बीच में पढ़ाई छोड़ने की दर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने गुरुवार को यूडीआईएसई+ 2024-25 की रिपोर्ट में बताया कि प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर पर विद्यार्थियों की रिटेंशन रेट और ट्रांज़िशन रेट में लगातार सुधार हुआ है। इसका सीधा असर यह हुआ कि बच्चों के बीच-बीच में पढ़ाई छोड़ने की प्रवृत्ति घटी है और अधिक विद्यार्थी उच्च कक्षाओं तक अपनी पढ़ाई जारी रख पा रहे हैं।
शिक्षा मंत्रालय का मानना है कि यह सकारात्मक बदलाव केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा चलाए जा रहे नामांकन अभियान, छात्रवृत्ति योजनाएं, मध्याह्न भोजन, साइकिल/यूनिफॉर्म/पुस्तक वितरण जैसी पहलें और स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं में सुधार का परिणाम है।
रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया है कि शून्य नामांकन वाले स्कूलों और एकल शिक्षक स्कूलों की संख्या में कमी से भी छात्रों को पढ़ाई जारी रखने में मदद मिली है। बेहतर शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात और महिला शिक्षकों की बढ़ती संख्या ने भी विद्यार्थियों विशेषकर बालिकाओं की निरंतरता पर सकारात्मक असर डाला है। शिक्षा मंत्रालय ने कहा है कि ड्रॉपआउट दर में कमी देश के लिए शिक्षा की गुणवत्ता और सर्व शिक्षा अभियान से आगे बढ़कर समावेशी व सतत शिक्षा की दिशा में बड़ी उपलब्धि है।
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