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भोपाल । मध्य प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छ पर्यावरण के लिये इस वर्ष नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने अमृत हरित महाअभियान चलाया है। अभियान में अब तक 10 संभागों में 23 लाख पौधों का सफलतापूर्वक रोपण किया जा चुका है। नगरीय क्षेत्रों में जन भागीदारी से सामुहिक पौधरोपण के कार्यक्रम अभी भी निरंतर आयोजित किये जा रहे हैं।
जनसंपर्क अधिकारी मुकेश मोदी ने गुरुवार को बताया कि मध्य प्रदेश में अब तक यह पौधरोपण जबलपुर, शहडोल, भोपाल, नर्मदापुरम्, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, इंदौर, सागर एवं रीवा संभाग के नगरीय क्षेत्रो में व्यापक स्तर पर किया गया है। शहरी क्षेत्रों में लगाये गये पौधों की सुरक्षा की जिम्मेदारी “वूमेन्स फॉर ट्री” अमृत मित्र महिला समूह को सौंपी गयी है। प्रदेश में करीब 7 हजार 800 महिलाएं लगाये गये पौधों की 2 वर्ष तक सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाएंगी। अमृत महिला मित्रों को नगरीय निकायों द्वारा प्रशिक्षण के साथ आवश्यक किट भी उपलब्ध कराया गया है। प्रदेश के कुछ नगरीय निकायों ने उनके नगरीय क्षेत्रों के पार्कों के रखरखाव की जिम्मेदारी अमृत मित्र महिला समूह को सौंपी है।
गौरतलब है कि प्रदेश में अमृत हरित महाअभियान 5 जून 2025 को पर्यावरण दिवस से नगरीय निकायों की मदद से व्यापक स्तर पर शुरू किया गया था। राज्य में यह अभियान 30 सितंबर तक लगातार जारी रहेगा। सामुहिक पौधरोपण में जनभागीदारी में छात्र-छात्राओं, युवाओं, जनप्रतिनिधियों, विशेषकर महिला जनप्रतिनिधियों की भागीदारी को शामिल किया जा रहा है।
औद्योगिक क्षेत्रों में भी पौधरोपण
प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में पर्यावरण संतुलन के लिये नगरीय निकायों ने सामूहिक पौधरोपण के व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। प्रदेश को हराभरा बनाने तथा शहरी पर्यावरण को संरक्षित करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। पौधरोपण में मुख्य रूप से छायादार और फलदार वृक्षों का चयन किया गया है।
आयुक्त की अपील
नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने सभी नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों से अपील है कि वृक्षारोपण को जन-अभियान का स्वरूप देते हुए अपने-अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक पौधों का रोपण और उनकी देखभाल की जिम्मेदारी का निर्वहन निष्ठा के साथ करें। ऐसा करके ही हम सब पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा सकते है।
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