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अनूपपुर । प्रदेश के राजस्व विभाग के तहसीलदार, नायब तहसीलदारों ने अपनी मांगों को लेकर 6 अगस्तै से मोर्चा खोला है, जो 13वें सोमवार को दिन भी जारी हैं। जिसके चलते कामकाज ठप्प पड़ा हुआ है। हड़ताल के चलते किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में अब राजस्व विभाग हड़ताली तहसीलदार, नायब तहसीलदारों की जानकारी मांगी है। बताया जा रहा है कि प्रशासन ने हड़ताल पर बैठे सभी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अनूपपुर जिले में तहसीलदार, नायब तहसीलदारों अपने-अपने कार्यालयों बैठे हैं किन्तुए जनता से जुडे कार्य नहीं कर रहें हैं। अनूपपुर तहसीलदार ईश्वकर प्रधान ने बताया कि यदि आदेश रद्द होता है तो सामान्य रूप से काम शुरू कर दिया जाएगा।
मध्य प्रदेश राजस्व अधिकारी संघ ने राजस्व विभाग के उस फैसले का विरोध किया है। इस फैसले में तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को न्यायिक और गैर-न्यायिक कार्यों में विभाजित कर दिया गया है। संघ के अनुसार, इस नए सिस्टम में कुछ अधिकारियों को केवल न्यायिक कार्य दिए गए हैं, जबकि अन्य को सिर्फ फील्ड वर्क करना होगा। इस अव्यवहारिक कार्य विभाजन से अधिकारियों में नाराजगी है। राजस्व अधिकारी संघ ने स्पष्ट किया है कि तहसीलदार और नायब तहसीलदार केवल आपदा प्रबंधन से संबंधित कार्यों को ही करेंगे। अन्य काम नहीं करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा है कि वह सरकार द्वारा दिए गए वाहन भी लौटाएंगे। यह हड़ताल तब तक जारी रहेगी, जब तक मांगों पर विचार नहीं किया जाता।
इस हड़ताल से भूमि रिकॉर्ड खसरा, खतौनी का पर्यवेक्षण, सत्यापन, अपडेट कराना,भूमि के स्वामित्व के हस्तांतरण और संपत्ति के विभाजन से संबंधित मामले, सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, कोर्ट में भूमि विवादों से संबंधित मामलों की सुनवाई, तहसील के कार्यकारी मजिस्ट्रेट के रूप में सामाजिक और कानूनी व्यवस्था, पटवारी, राजस्व निरीक्षक और अन्य कर्मचारियों पर प्रशासनिक नियंत्रण, बाढ़, सूखा, या आगजनी के दौरान राहत कार्यो का प्रबंधन प्रभावित हैं।
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