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उज्जैन । मध्य प्रदेश के उज्जैन में भगवान महाकालेश्वर की पांचवीं सवारी सोमवार को निलगी। श्रावण-भादौ मास की इस पांचवी सवारी में भगवान पांच स्वरूपों में दर्शन देंगे। सवारी में चार जनजातीय एवं लोकनृत्य कलाकारों दल एवं मध्य प्रदेश के विभिन्न धार्मिक स्थलों की झाकियाँ भी सम्मिलित होंगी।
प्रशासक प्रथम कौशिक ने रविवार को बताया कि महाकालेश्वर भगवान की श्रावण-भाद्रपद माह में निकलने वाली सवारी के क्रम में पांचवीं सवारी 11 अगस्त, सोमवार को निकलेगी। इस दौरान पालकी में श्री चन्द्रमौलेश्वर, गजराज पर श्री मनमहेश, गरूड़ रथ पर श्री शिवतांडव, नन्दी रथ पर श्री उमा-महेश और डोल रथ पर श्री होल्कर स्टेट के मुखारविंद सम्मिलित रहेगा। श्री महाकालेश्वर भगवान की सवारी निकलने के पूर्व श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में भगवान श्री चन्द्रमोलेश्वर का विधिवत पूजन-अर्चन होगा। पश्चात भगवान श्री चन्द्रमोलेश्वर पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा पालकी में विराजित भगवान को सलामी दी जावेगी। उसके बाद सवारी परंपरागत मार्ग महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार और कहारवाडी से होती हुई रामघाट पहुंचेगी। जहॉ क्षिप्रा नदी के जल से भगवान का अभिषेक और पूजन-अर्चन किया जावेगा। इसके बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ की धर्मशाला, कार्तिक चौक खाती का मंदिर, सत्यीनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार होकर मंदिर पहुँचेगी।
चलित रथ से श्रद्धालु करेंगे दर्शन
भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी के सुगमतापूर्वक दर्शन के लिये श्री महाकालेश्वर मन्दिर प्रबंध समिति द्वारा चलित रथ की व्यवस्था की गई है। जिसके दोनों ओर एलईडी के माध्यम से सवारी का लाईव प्रसारण किया जाएगा। जिससे श्रद्धालु भगवान के दर्शनो का लाभ सकेंगे। साथ ही उज्जैन के अन्य स्थानों जैसे फ्रीगंज, नानाखेड़ा, दत्तअखाड़ा आदि क्षेत्रों पर भी सवारी के लाइव प्रसारण को देख सकेंगे व भगवान के दर्शनों का लाभ ले सकेगे।
श्री महाकालेश्वर भगवान की सवारी में 04 जनजातीय एवं लोक नृत्य कलाकारों के दल सहभागिता
बैतूल से मिलाप इवने के नेतृत्व में गोण्ड जनजातीय ठाट्या नृत्य, खजुराहो से गणेश रजक के नेतृत्व कछियाई लोक नृत्य, दमोह से पंकज नामदेव नेतृत्व में बधाई लोक नृत्य एवं डिण्डोरी के सुखीराम मरावी के नेतृत्व गेडी जनजातीय नृत्य की प्रस्तुतियां सम्मिलित है | सभी सवारियों में जनजातीय दल संस्कृति विभाग भोपाल, जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद व त्रिवेणी कला एवं पुरातत्वव संग्रहालय के माध्यम से सहभागिता कर रहे है| भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी में मध्यप्रदेश के विभिन्न धार्मिक स्थल की झाकियाँ निकली जाएंगी। इसकेे साथ ही धार्मिक पर्यटन के अंतर्गत मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा राजाराम लोक ओरछा, सर्वसिद्धि माँ बगलामुखी माता मंदिर, माँ शारदा शक्तिपीठ मैहर एवं देवीलोक माँ बिजासन धाम सलकनपुर की प्रतिकृति को प्रदर्शित किया जाएगा |
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