Video

Advertisement


सोमवार रात्रि में खुलेंगे नागचन्द्रेश्वर मंदिर के पट
ujjain,  doors of Nagchandreshwar temple , Monday night
उज्जैन । नागपंचमी का पर्व मंगलवार, 29 जुलाई को देशभर के साथ मध्य प्रदेश में भी धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। मध्य प्रदेश के उज्जैन में भी नागपंचमी पर्व पर नागचंद्रश्वर मंदिर के पट खुलेंगे। देश के कोने-कोने से हजारों की संख्या में श्रद्धालु भगवान नागचन्द्रेश्वर के दर्शन के लिए आयेंगे। इसे देखते हुए प्रशासन ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। सोमवार रात 12 बजे पट खुलेंगे। 24 घण्टे सतत दर्शन पश्चात मंगलवार रात 12 बजे पट एक वर्ष के लिए बंद हो जाएंगे।
 
श्री महाकालेश्वर मंदिर के द्वितीय तल पर नागचन्द्रेश्वर मंदिर स्थित है। देश-दुनिया में केवल इसी मंदिर के पट वर्ष में एक बार 24 घंटे सिर्फ नागपंचमी के दिन खुलते है। हिंदू धर्म में सदियों से नागों की पूजा करने की परंपरा रही है। हिंदू परंपरा में नागों को भगवान शिव का आभूषण भी माना गया है। महाकाल मंदिर के गर्भगृह के उपर ओंकारेश्वर मंदिर(भू तल पर) और उसके भी शीर्ष पर भगवान श्री नागचन्द्रेश्वर का मंदिर प्रतिष्ठापित है।
 
यह है प्राचीन इतिहास
 
नागचन्द्रेश्वर मंदिर में 11 वीं शताब्दीे की एक अद्भुत प्रतिमा स्थापित है। प्रतिमा में श्री नागचन्द्रेश्वर स्वयं अपने सात फनों से सुशोभित हो रहे है। साथ में शिव-पार्वती के दोनों वाहन नंदी एवं सिंह भी विराजित है। प्रतिमा में श्री गणेश की ललितासन मूर्ति, उमा के दांयी ओर कार्तिकेय की मूर्ति व ऊपर की ओर सूर्य-चन्द्रमां भी अंकित है। नागचन्द्रेश्वर की मूर्ति अपने आप में भव्य एवं कलात्मकता का उदहारण है। भगवान के गले और भुजाओं में भुजंग लिपटे हुए है। कहते हैं कि यह प्रतिमा नेपाल से यहां लाई गई थी। ऐसी मान्यता है कि उज्जैन के अलावा दुनिया में कहीं भी ऐसी प्रतिमा नहीं है। इस प्रतिमा के दर्शन के उपरांत अंदर प्रवेश करने पर भगवान नागचन्द्रेश्वर के शिवलिंग के दर्शन होते है।
 
सोमवार रात 12 बजे खुलेंगे पट
सोमवार,28 जुलाई की रात्रि 12 बजे पट खुलेंगे। पट खुलने के बाद रात्रि 12 बजे विशेष पूजा के बाद आम भक्तों के लिये मंदिर के पट खुल जायेंगे। मंदिर के पट 29 जुलाई, मंगलवार तक लगातार 24 घंटे खुले रहेंगे। मंदिर के पट मंगलवार रात्रि 12 बजे बंद होंगे।
 
नागचन्द्रेश्वर भगवान की होगी त्रिकाल पूजा
नागपंचमी पर्व पर भगवान श्री नागचन्द्रेश्वर की त्रिकाल पूजा होगी। सोमवार मध्यरात्रि मेें पट खुलने के पश्चा्त पंचायती महानिर्वाणी अखाडे के महंत विनितगिरी महाराज एवं अन्य अधिकारियों द्वारा प्रथम पूजन व अभिषेक किया जायेगा। मंगलवार 29 जुलाई को अपरान्ह 12 बजे अखाडे द्वारा पूजन होगा। महाकालेश्वजर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा मंगलवार को महाकालेश्वेर भगवान की सायं आरती के पश्चात नागचन्द्रेश्वर का पूजन-आरती महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी एवं पुरोहितों द्वारा की जाएगी। 29 जुलाई को रात्रि 12 बजे भगवान नागचन्द्रेश्वर महादेव के पट एक वर्ष के लिए बंद किए जाएंगे।
Kolar News 27 July 2025

Comments

Be First To Comment....

Page Views

  • Last day : 8796
  • Last 7 days : 47106
  • Last 30 days : 63782
x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved ©2025 Kolar News.