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अनूपपुर । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के जैतहरी वन क्षेत्र में पिछले पांच दिनों से चार हाथियों का समूह चोलना बीट के चोई गांव के जंगल में डेरा डाले हुए है। हाथियों का नित्यि क्रम दिन के समय जंगल में और शाम होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच कर घरों में तोड़फोड़ करते हुए खेतों में लगी फसलों का अहार बनाते हुए रौद कर खराब कर देते हैं। वहीं प्रशासन और ग्रमीण क्षेत्र से भगाने का प्रयास भी असफल रहा।
शनिवार की रात में भी हाथियों का समूह चोलना बीट के चोई गांव के जंगल निकलकर कई ग्रामीणों के घरों में तोड़फोड़ की है। जिसमें फरसू यादव और छोकू के घरों में नुकसान पहुंचाया है। इसके अलावा पूरन राठौर, लाला नापित, रामदीन सिंह और मन्नू सिंह के घरों में भी तोड़फोड़ करते हुए घरों में रखे अनाज को अपना अहार बनाया।
हाथियों का यह समूह बुढार से वापस अनूपपुर से जैतहरी ग्रमीण क्षेत्र पहुंचा था। सभी को लगा था कि हाथी जल्द ही वापसी छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ जाएंगे, लेकिन वे अभी तक यहीं डेरा जमाये हुए हैं। हाथियों ने लगभग 20 से 22 ग्रामीणों के खेतों और बांडियों में लगी धान और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचाया है। चोई के पडमनियाटोला, वन चौकी टोला से धनगवां के पिपरहाटोला, पड़रिया पंचायत के चिकनीटोला, लेगराटोला और कनईटोला में विचरण कर रहे हैं। वन विभाग का गश्ती दल, पुलिस एवं ग्रामीणों के सहयोग से हाथियों पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।
वन परिक्षेत्र अधिकारी जैतहरी विवेक मिश्रा के नेतृत्व में वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और हाथी मित्र दल के प्रशिक्षित सदस्यों की मदद से हाथियों को दूर करने की कोशिश की गई। हाथी कुछ किलोमीटर दूर गए, लेकिन सुबह होते ही वापस चोई के जंगल में लौट आए। ग्रामीण हाथियों के डर से परेशान और भयभीत हैं। वे रात भर जागकर अपने परिवारों को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहे हैं। वन विभाग ने आम लोगों से हाथियों से दूरी बनाए रखने और सतर्क रहने की अपील की है।
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