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हरिद्वार । धर्मनगरी में एक पहाड़ी पर स्थित मनसा देवी मंदिर के सीढ़ी मार्ग पर रविवार सुबह करंट फैलने की अफवाह से भगदड़ मचने से छह श्रद्धालुओं की माैत हाे गई, जबकि 35 लाेग घायल हुए हैं। घायलों को हरिद्वार जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और गंभीर रूप से घायलाें
काे एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है। घटना पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दुख जताया और मृतक आश्रिताें और घायलाें काे मुआवजा देने की बात कही
वीकेंड होने के कारण भी मनसा मंदिर सहित नगर के अन्य स्थानाें पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी थी। रविवार को प्रातः9 बजे मां मनसा देवी मंदिर जाने वाले सीढ़ी मार्ग पर भारी भीड़ उमड़ी थी। कांवड़ मेला खत्म होने के बाद भी बड़ी संख्या में कांवडि़ए और श्रद्धालु मंदिर में देवी के दर्शन के लिए पहुंचे हुए थे। मंदिर के मुख्य सीढ़ी पैदल मार्ग पर ज्यादा भीड़ बढ़ने के बीच करंट फैलने की अफवाह के बाद श्रद्धालुओं के बीच भगदड़ की स्थिति बन गई और सीढ़ी मार्ग पर श्रद्धालु एक दूसरे के ऊपर गिरने लगे। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से स्थिति काे नियंत्रित किया।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि सुबह 9 बजे करीब पुलिस कंट्रोल रूम को मंदिर से 100 मीटर नीचे सीढ़ी पैदल मार्ग पर भगदड़ मचने की सूचना मिली। मौके पर एसडीआरएफ और पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयाेग से हताहत लोगों को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया। एसएसपी डोबाल ने बताया कि मार्ग पर करंट लगने की अफवाह से भगदड़ की स्थिति पैदा हुई। अस्पताल में कुल 35 घायलों को लाया गया था। जिसमें से छह की मौत हो गई।
गढ़वाल कमिश्नर रवि शंकर पांडे ने छह लोगों की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि सभी घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। मंदिर परिसर को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया है। मौके एसडीआरएफ और पुलिस बल मौके पर मौजूद है।
मृतकाें के परिजनाें काे दाे-दाे लाख देगी सरकार: मुख्यमंत्री
मनसा देवी मंदिर हादसे पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छह श्रद्धालुओं की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया और पीडि़त परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करने के लिए अधिकारियाें काे निर्देशित किया। मुख्यमंत्री धामी ने भगदड़ की दुर्घटना की मजिस्टेट जांच के आदेश दिए हैं। इसके अलावा हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को पचास-पचास हजार रुपये की सहायता देने की भी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
राज्य के आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि इस दुर्घटना में पांच गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है। इसके अतिरिक्त 23 अन्य घायल श्रद्धालुओं का उपचार जिला चिकित्सालय हरिद्वार में चल रहा है, जहां सभी घायलों को आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
इसी बीच प्रशासन ने हादसे में मारे गए लोगों और घायलों की सूची जारी कर दी है। पुलिस के अनुसार हादसे में मरने वाले में सौदा बरेली उत्तर प्रदेश निवासी आरुष पुत्र पंकज उर्फ प्रवेश उम्र 12 वर्ष, अररिया बिहार निवासी शकल अेव पुत्र बचन उम्र 18 वर्ष, बासुआ खेड़ी काशीपुर, उत्तराखंड निवासी विपिन सैनी पुत्र रघुवीर सैनी उम्र 18 वर्ष, मोहतरमा जिला बाराबंकी उत्तर प्रदेश निवासी वकील पुत्र भरत सिंह और बदायूं, उत्तर प्रदेश निवासी शांति देवी पत्नी रामभरोसे के रूप में हुई है। घटना की सूचना पर मां मंनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविन्द्र पुरी महाराज ने भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लियाआ और घटना पर दुःख जताया।
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