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भोपाल । मध्य प्रदेश में बादलों ने आसमान ने ऐसा रौद्र रूप धारण किया है कि जमीन पूरी तरह से तर-ब-तर हो गई है। चक्रवाती दबाव, ट्रफ और डिप्रेशन की संयुक्त ताकत के चलते प्रदेश के कई जिलों में शनिवार सुबह भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो रही है। प्रदेश की राजधानी भोपाल में भोर से ही आकाश में काली घटाएं बनी हुई हैं और कई जगह बूँदाबाँदी हो रही है। सुबह पांच बजे से लगातार बारिश शुरू हो रही है, जो दिन भर रुक-रुक कर होती रहेगी। दोपहर तक आर्द्रता बनी रहेगी और बाद में शाम तक कुछ राहत मिलने की संभावना मौसम विभाग की और से दर्शायी गई है।
मौसम विभाग ने 41 जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें से 6 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। सिंगरौली में एहतियातन स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, वर्तमान में उत्तर बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव का क्षेत्र अन्तर्निहित है, और पश्चिमोत्तर दिशा की ओर बढ़ते हुए अगले 48 घंटे में पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा तक पहुँचने की संभावना है। यह क्षेत्र दक्षिण-पूर्व राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ तक फैली चक्रवातीय गतिविधियों से जुड़ा हुआ है, जिसका असर इस वक्त मप्र में देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग ने राज्य भर के कई जिलों में भारी या अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इनमें राजगढ़, जगदलपुर, मंडला, छिंदवाड़ा, सिवनी जैसे जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई है। इसके अलावा विदिशा, रायसेन, ग्वालियर, जबलपुर समेत कई जिलों में भी मॉनसून अलर्ट जारी है। रायसेन, सतना, रीवा, सागर, दमोह और पन्ना में अगले 24 घंटे में आठ इंच से ज्यादा वर्षा हो सकती है। इन जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया गया है। गुना से लेकर बालाघाट तक 21 जिलों में ऑरेंज अलर्ट है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत 14 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक अभिषेक मिश्रा ने शनिवार को बताया कि गुना, अशोकनगर, शिवपुरी/कूनो एनपी, श्योपुरकलां, ग्वालियर, मुरैना, उत्तरी विदिशा, सिंगरौली में बिजली के साथ भारी बारिश जारी रहने की संभावना है, साथ ही दक्षिणी विदिशा-उदयगिरि, राजगढ़, रायसेन-सांची/भीमबेटका, पश्चिम सागर, सीहोर, भिंड, दतिया-रतनगढ़, सीधी-संजयदुबरी, मऊगंज, अनूपपुर-अमरकंटक, छिंदवाड़ा, मंडला में बिजली के साथ मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। कान्हा, साथ ही भोपाल/बैरागढ़, इंदौर, धार-मांडू, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा-ओंकारेश्वर, शाजापुर, आगर, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, रीवा, सतना, मैहर, पन्ना, छतरपुर के खजुराहो, टीकमगढ़, निवाड़ी, कटनी, जबलपुर;भेड़ाघाट में हल्की बारिश हुई।
उन्होंने कहा है कि फिलहाल प्रदेश पर तीन ट्रफ, दो चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र और एक डिप्रेशन का असर है। यही कारण है कि बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी। यह सिलसिला चार दिन तक जारी रह सकता है।यहां बारिश का असर जलाशयों पर भी दिख रहा है। जबलपुर में बरगी डैम के सात गेट खोल दिए गए हैं। बैतूल के सतपुड़ा डैम के गेट भी खोले गए हैं। वहीं जिला मुरैना का पगारा डैम खतरे की सीमा लांघ गया और इसके सभी 6 ऑटोमैटिक गेट खोलने पड़े हैं। दूसरी तरफ यहां यह भी देखने में आ रहा है कि कुछ जिलों में बारिश ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं तो वहीं निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर ने अपने-अपने सालाना कोटे को पार कर लिया है। वहीं, इंदौर, उज्जैन, बुरहानपुर और शाजापुर जैसे क्षेत्र अब भी पानी के लिए तरस रहे हैं, यहां 10 इंच से भी कम वर्षा हुई है।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में बादल बरसे थे। सिंगरौली में 7 इंच और सीधी में 4.8 इंच बारिश ने रिकॉर्ड बनाया है। वहीं, पचमढ़ी में डेढ़ इंच, गुना और उमरिया समेत कुछ जिलों में पौन इंच, जबकि सागर और नर्मदापुरम में आधा इंच बारिश दर्ज की गई।
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