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उज्जैन । महाकाल महालोक में श्रावण-भादौ मास में प्रतिदिन होने वाली सांस्कृतिक संध्या के तीसरे दिन बुधवार को रोहित कुमार सोनावने के वायलिन वादन व अनन्या डोरिया के एकल कथक नृत्य की प्रस्तुति हुई। रोहित कुमार सोनावने द्वारा राग मालकौश विलम्बित लय, एकताल व दु्रत लय तीन ताल में आलाप-जोडे-झाला की प्रस्तुति दी गई। उसके उपरांत राग मालकौश पर आधारित ऊ नमः शिवाय शिव धुन की प्रस्तुति से समापन किया गया। आपके साथ तबला पर अरूण कुशवाह ने प्रभावी संगत दी।
अनन्या डोरिया की प्रस्तुति का प्रारंभ गणेश वंदना गाइए गणपति जगवंदन से हुआ। पश्चात शुद्ध कथक में कुछ बंदिशे, तिहाइयाॅं, माखन चोरी गत, भाव और जुगलबंदी प्रस्तुत की। प्रस्तुति का समापन शिव भवन अर्धांग भस्म भभूत सोहे अर्धमोहिनी रूप है.............. से हुआ।
कार्यक्रम के प्रारंभ में दीप प्रज्जवलन मुख्य अतिथि महामण्डलेश्वर अतुलेशानंद महाराज (आचार्य शेखर जी) व गौरव नागपाल, प्रबंधक यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया, नानाखेड़ा शाखा द्वारा किया गया। डिप्टी कलेक्टर एवं उप प्रशासक सिम्मी यादव व प्रशांत त्रिपाठी ने अतिथियों का दुपट्टा, प्रसाद व स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मान किया। कलाकारों एवं सहयोगी कलाकारों का दुपट्टा, प्रसाद व प्रशस्ति पत्र देकर स्वागत व सम्मान किया गया। मंच संचालन सुदर्शन अयाचित द्वारा किया गया।
गुरुवार की प्रस्तुति
17 जुलाई साइन 6बसे 8 बजे तक वसुन्धरा लोककला कृषक शिक्षण संस्थान रहली, जिला सागर के द्विव्यांग बच्चों की मोनिया लोकनृत्य की प्रस्तुति होगी।
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