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एयर इंडिया विमान हादसे की जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे
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नई दिल्ली । विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-171 का बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान हादसे पर 15 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। एएआईबी की प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, जेट ईंधन स्विच हवा में 1 सेकंड के अंतराल पर बंद हो गए और एक पायलट को यह कहते हुए सुना गया कि "मैंने ईंधन बंद नहीं किया।"


अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-171 अहमदाबाद में 12 जून को भीषण दुर्घटना का शिकार हो गई। हादसा इतना भयावह था कि कुछ ही सकेंड में लोगों की जान चली गई। मृतकों में 229 यात्री, 12 क्रू सदस्य और 19 जमीन पर मौजूद लोग शामिल थे।

 

विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट आने के बाद एयरलाइन ने ‘एक्‍स’ पोस्‍ट पर जारी बयान में लिखा है, एयर इंडिया एआई-171 हादसे से प्रभावित परिवारों और अन्य लोगों के साथ एकजुटता से खड़ी है। हम इस क्षति पर शोक व्यक्त करते हैं, इस कठिन समय में सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। हमें एएआईबी द्वारा आज, 12 जुलाई, 2025 को जारी प्रारंभिक रिपोर्ट प्राप्त होने की सूचना है। एयर इंडिया नियामकों सहित हितधारकों के साथ मिलकर काम कर रही है। हम एएआईबी और अन्य प्राधिकारियों के साथ उनकी जांच में पूर्ण सहयोग जारी रखेंगे। इस जांच की सक्रिय प्रकृति को देखते हुए, हम विशिष्ट विवरणों पर टिप्पणी करने में असमर्थ हैं और ऐसी सभी पूछताछ एएआईबी को भेज रहे हैं।


एयर इंडिया की एआई-171 विमान हादसे के प्रमुख घटनाक्रम
एएआईबी ने इस हादसे पर 15 पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कई सारे चौकाने वाले खुलासे हुए हैं। ऐसे में शुरुआत से लेकर अबतक इस विमान हादसे में क्या-क्या हुआ एक नजर डालते हैं।


-12 जून को टाटा की अगुवाई वाली एयर इंडिया का करीब 12 साल पुराना बोइंग 787-8 विमान वीटी-एएनबी, उड़ान भरने के कुछ ही देर के बाद गुजरात के अहमदाबाद में बीजे मेडिकल कॉलेज के आवासीय परिसर पर गिरकर हादसे का शिकार हो गया। ये विमान अहमदाबाद से लंदन जा रहा था।


-इस विमान में चालक दल के 12 सदस्यों समेत कुल 242 लोग सवार थे। हादसे में केवल एक यात्री बच पाया। विमान दुर्घटना में यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के अलावा भी कई लोगों की जानें गईं। विमान हादसे में कुल 260 लोग मारे गए।


-इस हादसे में जीवित बचे यात्री विश्वास कुमार रमेश (45) ‘11ए’ सीट पर बैठे थे। यह सीट आपातकालीन निकास द्वार के पास की खिड़की वाली सीट थी। वह ब्रिटेन के नागरिक हैं।


-अहमदाबाद की यह विमान दुर्घटना बोइंग के सबसे ज्यादा बिकने वाले 787 विमान की पहली ऐसी घातक दुर्घटना है जिसमें विमान पूरी तरह से नष्ट हो गया।


- विमान हादसों की जांच करने वाली एजेंसी एएआईबी ने 13 जून को इस विमान हादसे की जांच शुरू की और एक बहु-विभागीय टीम गठित की।

 

-केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बहु-विभागीय समिति 13 जून को गठित की गई जिसका उद्देश्य विमान दुर्घटना के पीछे के कारणों की जांच करना और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए व्यापक सुझाव देना था।


-इस विमान के ‘कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर’ (सीवीआर) और ‘फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर’ (एफडीआर) बरामद किए गए। इनमें से एक 13 जून को दुर्घटनास्थल से और दूसरा 16 जून को मलबे से मिला था।


-ब्लैक बॉक्स को पूरी सुरक्षा में 24 जून को वायुसेना के विमान के जरिए अहमदाबाद से दिल्ली लाया गया। फ्रंट ब्लैक बॉक्स 24 जून को एएआईबी लैब, दिल्ली पहुंचा।


-इस विमान के रियर ब्लैक बॉक्स एक दूसरी एएआईबी टीम द्वारा लाया गया और 24 जून को शाम पांच बजकर 15 मिनट पर एएआईबी लैब, दिल्ली पहुंचा। ब्लैक बॉक्स से डेटा निकालने की प्रक्रिया 24 जून को शुरू हुई।


-25 जून को फ्रंट ब्लैक बॉक्स से ‘क्रैश प्रोटेक्शन मॉड्यूल’ (सीपीएम) सुरक्षित रूप से निकाला गया। ‘मेमोरी मॉड्यूल’ को सफलतापूर्वक एक्सेस कर उसमें मौजूद डेटा को डाउनलोड किया गया।


-संयुक्त राष्ट्र की संस्था ‘अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन’ (आईसीएओ) के विशेषज्ञ को जांच में पर्यवेक्षक का दर्जा दिया गया है।


-इस विमान दुर्घटना के एक दिन बाद नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एयर इंडिया एयरलाइंस के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर बेड़े की सुरक्षा जांच को और बढ़ाने का आदेश दिया। एयर इंडिया ने अपने बोइंग 777 विमान बेड़े की भी सघन जांच का निर्णय लिया है।


-एयर इंडिया एयरलाइंस की मूल कंपनी टाटा संस ने पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की। इसके अलावा एयर इंडिया विमान हादसे के शिकार परिजनों को 25 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा भी दे रही है।


-एयर इंडिया ने प्रभावित परिवारों को मानसिक आघात से उबारने और मनोवैज्ञानिक सहायता देने के लिए प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिकों की एक टीम तैनात की है।

Kolar News 12 July 2025

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