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कोलार के गेहूंखेड़ा स्थित जोन-18 के नगर निगम कार्यालय के सामने सुबह 10 बजे 300 से ज्यादा कर्मचारी हड़ताल पर बैठ गए। शाम 5 बजे तक नारेबाजी कर 25 दिवसीय कर्मचारी से हटा कर वापस 89 दिवसीय दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी करने की मांग की। इसके साथ ही स्थाईकरण का लाभ दिए जाने के लिए कहा। कर्मचारियों के समर्थन में जोन-18 की अध्यक्ष मनफूल मीणा, पार्षद कामता प्रसाद पाटीदार, रवींद्र यति, पवन बोराना, मंजीत मारण भी प्रदर्शन में शामिल हुए।
कर्मचारियों का कहना था कि वर्ष 2006-07 में कोलार नगर पालिका के समय 300 से ज्यादा कर्मचारी रखे गए थे। करीब तीन साल पहले कोलार का नगर निगम में विलय हो गया। उसके दो से तीन महीने बाद 89 दिवसीय दैनिक वेतन भोगी के अनुसार ही वेतन दिया गया। लेकिन बाद में नगर निगम प्रशासन ने 89 दिवस से पदावनति(डिमोशन)कर 25 दिवसीय किया गया। तब से नगर निगम कमिश्नर से लेकर महापौर तक गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, इसलिए सांकेतिक धरने पर बैठना पड़ा।
कोलार नगर निगम फायर अधिकारी पंकज खरे ने बताया कि सुबह 10 से शाम 5 बजे तक नपा के समय के सभी कर्मचारी हड़ताल पर बैठे रहे। जोन-18 में आने वाले वार्ड-80,29,82,83 और जोन-19 के वार्ड-81,84,85 में काम नहीं हुए। जलकार्य, अतिक्रमण, स्वास्थ्य, राजस्व शाखा के कामकाज नहीं हो सके। नगर निगम के टैंकरों की सप्लाई भी नहीं हुई। सड़कों पर झाड़ू नहीं लगी।
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