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राजधानी में 48 घंटे के अंदर मानसून दस्तक दे सकता है। मानसूनी हलचल बढ़ने के साथ ही प्री-मानसून एक्टिविटी तेज हो गई हैं। इसी क्रम में शनिवार दोपहर को शहर में मौसम के एक ही समय में अलग-अलग नजारे देखने को मिले। दोपहर में भेल क्षेत्र में करीब एक घंटे तक जोरदार बरसात हुई, तब न्यूमार्केट, शाहपुरा क्षेत्र में रिमझिम पानी बरस रहा था और कोलार क्षेत्र में बाकायदा धूप निकली थी। हालांकि, इस दौरान बैरागढ़ केंद्र में 0.4 मिमी. और शहर की आब्जर्वेटरी में 5.4 मिमी. पानी रिकार्ड किया गया।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ.अनुपम काश्यपि ने बताया कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में सिस्टम स्ट्रांग होने से दोनों ही तरफ से मानसून के तेजी से आगे बढ़ने की संभावना बन गई है। इस वजह से राजधानी में सोमवार को मानसून के प्रवेश करने की संभावना है। उधर शनिवार को सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई थी। बीच-बीच में धूप निकलने के कारण उमस भी लोगों को परेशान करती रही। दोपहर करीब डेढ़ बजे शहर के कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने का सिलसिला शुरू हुआ। भेल के अवधपुरी,सिक्युरिटी लाइन क्षेत्र आदि में करीब एक घंटे तक तेज बरसात हुई। इस दौरान शाहपुरा, न्यूमार्केट क्षेत्र में रिमझिम बौछारें पड़ रही थीं। इसके विपरीत कोलार के बीमा कुंज,नयापुरा,गेहूंखेड़ा क्षेत्र में धूप निकली थी और लोग पसीने से लथपथ हो रहे थे।
डॉ.काश्यपि के मुताबिक राजधानी सहित पूरे प्रदेश में वातावरण में बड़े पैमाने पर नमी आ रही है। साथ ही धूप निकलने से तपिश बढ़ जाती हैं। ऐसी स्थिति में शहर के कुछ स्थानों पर लोकल एक्टिविटी के तहत बौछारें पड़ जाती हैं। प्री-मानसून सीजन में मौसम का मिजाज आम बात है। इसे कनवेक्टिव एक्टिविटी कहा जाता है।
डॉ.काश्यपि ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में एक शक्तिशाली लो-प्रेशर सिस्टम बन गया है। इसी तरह दक्षिणी गुजरात कोस्ट से केरल कोस्ट तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। इस मजबूत सिस्टम के कारण अरब सागर से चले मानसून को लगातार ऊर्जा मिलना शुरू हो गई है। इस वजह से प्रदेश में मानसून के तेजी से आगे बढ़ने की पूरी संभावना बन गई है।
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