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मंदसौर में पुलिस की गोली से मारे गए किसान और उनकी मांगों को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का सत्याग्रह शुक्रवार शाम को खत्म हो गया ।
सत्याग्रह खत्म होने के पहले सिंधिया ने अपने भाषण में कहा कि किसान आंदोलन के दौरान हुई हिंसक गतिविधियों के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि किसान आंदोलन के दौरान हुई हिंसक व भड़काऊ गतिविधियों में एक भी कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल नहीं था। सिंधिया ने अपने दावे की पुष्टि के लिए प्रदेश सरकार के मंत्री बाबूलाल गौर के बयान को ढाल बनाया। गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री और बाबूलाल गौर ने कहा था कि किसान आंदोलन में कांग्रेस का हाथ नहीं है।
शिवपुरी सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया बुधवार शाम से भोपाल के दशहरा मैदान में 72 घंटे के लिए सत्याग्रह पर बैठे हैं। तीन दिन के सत्याग्रह के दौरान यहां कांग्रेस नेताओं ने प्रदेश की शिवराज सरकार पर जमकर निशाना साधा। यहां सिंधिया ने कहा कि मंदसौर की घटना प्रदेश के माथे पर एक कलंक है।
केंद्र सरकार को भी निशाने पर लेते हुए सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिवराज के शासनकाल में किसानों की आत्महत्याएं बढ़ी है। तीन दिन के सत्याग्रह के दौरान यहां सिंधिया के समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी गुरुवार को दशहरा स्थल पर पहुंचे थे।
गौरतलब है मंदसौर में हुए गोलीकांड के बाद ही प्रदेश में तीन से ज्यादा किसान आत्महत्या कर चुके हैं। हालांकि सरकार का कहना है कि किसानों ने आत्महत्याएं कर्ज के दबाव में नहीं, बल्कि निजी कारणों से की है।
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