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चंद्रभान सक्सेना
मैं खंबा नंबर एनपी 62/7 साईंनाथ नगर कोलार रोड, मेरा जन्म आज से लगभग 16 साल पहले हुआ था, उस समय मेरे आस-पास जंगल जैसा होता था। करीब 2 साल तक मैं अकेला खड़ा रहा, फिर मेरे शरीर पर बिजली के तार लगे और उसमें करंट दौड़ने लगा। बाद में धीरे-धीरे कुछ घर बने और लोग यहां रहने आने लगे। इसी दौरान मेरे ऊपर एक ट्यूब लाइट लगाई गई और मैं रोशनी की तरह रात में भी चमकने लगा। मैं खम्मा नंबर 62 बटा 7 इस मोहल्ले का चमकता हुआ चौराहा था, मेरे आस-पास कई बच्चे दिन में तो खेलते ही थे, मेरी रोशनी में देर रात तक भी खेलते थे। मोहल्ले की महिलाएं भी दिन में तो मेरे पास में खड़े होकर बतियाती थी, तो रात में भी उनकी चर्चा है मेरे पास होती रहती थी। यहां तक की कोई भी त्यौहार हो या किसी के यहां कोई कार्यक्रम हो उसकी चर्चा देर रात तक मेरे पास ही होती थी।
मैं खंबा नंबर एनपी 62/7 साईनाथ नगर कोलार रोड, उस समय बहुत खुश रहता था, जब मोहल्ले में गणेश जी या दुर्गा जी की झांकी लगती थी और जब उनका विसर्जन होता था वह मेरे पास से निकलती थी और चमकीली रोशनी में देर रात तक मेरे पास खड़ी रहती थी। उस समय मोहल्ले के लोग उनके दर्शन करते थे और मुझे भी उसका लाभ मिलता था।
लेकिन विगत 17 जून से मेरे पास अब कोई नहीं आता दिन में तो सूरज की रोशनी में समय गुजार लेता हूं लेकिन देर रात तक जो बच्चों का चहचहाना और महिलाओं की सुरीली आवाज से मैं गुंजन होता था। अब मैं मेरे लिए सपने जैसी बात हो गई है। मैंने सुना है कि मोहल्ले वालों ने मेरी चमक और रोशनी के लिए नगर निगम और मुख्यमंत्री के शिकायत नंबरों पर भी दर्ज किया।
जिस प्रकार नगर निगम के महापौर आलोक शर्मा की घोषणा हुई थी किसी भी तरह की शिकायत मेरे नंबर पर करे तुरंत दूर होगी, लेकिन करीब 4-6 बार शिकायत के बाद भी अभी कुछ नहीं हुआ। यही नहीं मुख्यमंत्री को शिकायत के नंबर पर भी सूचना दी लेकिन वहां से भी जबाब आ गया,
कालोनी हैंडओवर नहीं हुई है, अंधेरे में रहो। यहां तक की बेचारे पार्षद रविंद्र यति और विधायक रामेश्वर शर्मा को भी शिकायत की लेकिन जब महापौर और मुख्यमंत्री को शिकायत करने के बाद कुछ नहीं हुआ तो उनकी क्या बिसात।
बेचारे ई साहब पवन मेहरा जी भी कुछ कहने को तैयार नहीं है। क्योंकि कालोनी हैंड ओवर नहीं है।
अब मैं खंबा नंबर एनपी 62/7 साईनाथ नगर कोलार रोड, इंतजार कर रहा हूं।
शायद कोई प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति का शिकायत नंबर मिले और कोई उस पर मेरे लिए शिकायत करें तो शायद जैसे 12 साल में घूरे के दिन भी फिर जाते हैं अगले महीनें में मेरे अंधेरे में डूबे हुए 12 माह गुजर जाएंगे और शायद मैं रोशन हो चुका हूं इसी इंतजार में आपको अपनी व्यथा बताना चाहता हूं।
मैं खंबा नंबर एनपी 62/7 साईनाथ नगर कोलार रोड, मैं चाहता हूं कि देर रात तक मेरे आस-पास फिर बच्चों की अठखेलियां हो, फिर बच्चे मस्ती करें। मैं चाहता हूं मेरे आस-पास देर रात तक फिर महिलाएं बात करें। मैं चाहता हूं कि गर्मियों के मौसम में देर रात तक जैसे पहले बच्चे खेलते थे, बूढ़े लोग अपनी कुर्सी लगाकर बैठते थे। उसी प्रकार में फिर मैं रोशन हूं लेकिन मेरी आशा है देखो कौन पूरी करता है।
मैं अपने रौशन होने का इंतजार कर रहा हूं।
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