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मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम की करीब एक दर्जन यूनिट घाटे में चल रही हैं। इनमें से छह इकाइयों को निजी हाथों में सौंपने का फैसला हो गया है। भोपाल की शान-ए-भोपाल, पिकनिक सहित करीब आधा दर्जन अन्य यूनिट भी घाटे में हैं।
पर्यटन विकास निगम की 73 यूनिट में होटल, हाईवे रिट्रीट, रिसोर्ट आदि शामिल हैं। सूत्र बताते हैं कि इनमें से करीब एक दर्जन यूनिट घाटे की स्थिति में है, जिनकी लाभ-हानि की तुलना निगम प्रबंधन करता रहता है।
इनमें से हांडिया रिट्रीट, नीमच टूरिस्ट मोटल, कटनी टूरिस्ट मोटल, नौगांव टूरिस्ट मोटल और चित्रकूट के रिसोर्ट सहित छह यूनिट का लाइसेंस निगम ने निजी लोगों को देने का फैसला किया है।
हालांकि नीमच मोटल टूरिस्ट, चित्रकूट रिसोर्ट जैसी इकाइयां लगातार घाटे वाली यूनिट नहीं है, फिर भी उन्हें निजी हाथों में सौंपा जा रहा है। इनके अलावा भोपाल की शान-ए-भोपाल, पिकनिक, भीमबैठिका, पचमढ़ी की नीलांबर कॉटेज, डुमना कल्चुरी कैफे जैसी निगम की यूनिट भी ज्यादातर घाटे में चल रही हैं। इनमें आय की तुलना में खर्चे ज्यादा होते हैं।
कहां घाटे की स्थिति 1. शान-ए-भोपाल 2. पिकनिक 3. भीमबैठिका हाइवे ट्रीट 4. हलाली रिट्रीट 5. हाइवे ट्रीट हांडिया हरदा 6. सागौन रिट्रीट सलकनपुर 7. नीमच टूरिस्ट मोटल 8. पचमढ़ी नीलांबर कॉटेज 9. कटनी टूरिस्ट मोटल 10. डुमना कल्चुरी कैफे 11. खजुराहो होटल पायल 12. नौगांव टूरिस्ट मोटल 13. चित्रकूट रिसोर्ट
पर्यटन विकास निगम के प्रबंध संचालक हरिरंजन राव ने बताया कि होटल या खान-पान के संस्थान चलाने के लिए मैनेजर की कमी महसूस की जाने लगी है। कर्मचारी रिटायर हो रहे हैं, इसलिए ऐसी यूनिटों को चिन्हित किया है, जहां स्थानीय लोग भी हमारी यूनिट संचालित कर सकते हैं। ऐसी इकाइयों के लाइसेंस निजी लोगों को दिए जा रहे हैं।
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