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राज्य मंत्री पटवा ने डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर सम्मान से प्रो. दिलीप चक्रवर्ती को किया अलंकृत
एमपी के संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सुरेन्द्र पटवा ने कहा है कि संस्कृति, पर्यटन और पुरातत्व के क्षेत्र में संरक्षण-संवर्द्धन के कामों से प्रदेश की पूरे देश में अलग पहचान बनी है। श्री पटवा आज राज्य संग्रहालय में डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर राष्ट्रीय सम्मान से प्रो. दिलीप चक्रवर्ती को सम्मानित कर रहे थे।
राज्य मंत्री पटवा ने प्रो. चक्रवर्ती को 2 लाख की राशि एवं प्रशस्ति-पटिट्का से अलंकृत किया। संस्कृति विभाग द्वारा पुरा-सम्पदा के संरक्षण एवं पुरातात्विक संस्कृति के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर की उत्कृष्ट प्रतिभा को डा. विष्णु श्रीधर वाकणकर के नाम से 2005-06 से स्थापित राष्ट्रीय सम्मान इसके पहले तक 8 विद्वान को सम्मानित किया जा चुका है। प्रो. चक्रवर्ती को वर्ष 2013-14 के लिए सम्मानित किया गया है।
श्री पटवा ने कहा है कि प्रो. दिलीप कुमार चक्रवर्ती ने पुरातत्व एवं इतिहास के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान दिया है। उनकी लिखी पुस्तकों ने देश- विदेश में ख्याति अर्जित की है। ऐसे उत्कृष्ट प्रतिभा के धनी प्रो. चक्रवर्ती का योगदान महत्वपूर्ण है।
राज्य मंत्री श्री पटवा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चोहान के कुशल नेतृत्व में प्रदेश ने संस्कृति,पुरातत्व एवं पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किये हैं। पुरातत्व के संरक्षण एवं संवर्धन के मामले में प्रदेश ने अलग पहचान बनाई है। श्री पटवा ने डॉ. चक्रवर्ती द्वारा पुरातत्व के क्षेत्र में दिए गए अमूल्य योगदान को अतुलनीय बताया।
पुरातत्व आयुक्त अनुपम राजन ने डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर सम्मान के बारे में बताते हुए कहा कि श्री वाकणकर मध्यप्रदेश की भूमि के ऐसे पुरातत्वविद् थे जिनकी उपलब्धियों ने न केवल प्रदेश के लिए अपितु देश के पुरातत्व इतिहास में नवीन आयाम जोड़े। डॉ. वाकणकर ही ऐसी शख्सियत थे जिन्होंने भीम-बैठका की खोज की थी। डॉ. वाकणकर द्वारा भीम बैठका की खोज के कारण मध्यप्रदेश अंतराष्ट्रीय मंच पर जाना जाता है। भीम बैठका विश्व धरोहर में शामिल है। डॉ. वाकणकर ने पुरातत्व एवं इतिहास के क्षेत्र में नवीन खोजें कर परम्परा स्थापित की थीं। इसी परम्परा को आगे बढ़ाने के लिए देश के विद्धानों को मध्यप्रदेश सरकार द्वारा राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया जाता है। प्रो. चक्रवर्ती को विगत 50 साल की अवधि में पुरातत्व के क्षेत्र में दिये गये अमूल्य योगदान के लिए राष्ट्रीय सम्मान से विभूषित किया गया है। प्रमुख सचिव संस्कृति श्री मनोज श्रीवास्तव ने प्रशस्ति-पत्र का वाचन किया।
चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता स्कूली छात्रों को किया पुरस्कृत
राज्य मंत्री श्री पटवा एवं राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित प्रो. दिलीप कुमार चक्रवर्ती ने भोपाल के स्कूली छात्र-छात्राओं को राज्य संग्रहालय में प्रदर्शित सामग्री की चित्रकला प्रतियोगिता के विजेता छात्रों को पुरस्कार वितरित किये। प्रतियोगिता में तीन अलग-अलग ग्रुप में प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना पुरस्कार के लिए चयनित छात्र-छात्राओं को क्रमश: 5000, 3000, 2000 और 1000 रूपये की राशि और प्रमाण-पत्र दिये। हाल ही में सम्पन्न प्रतियोगिता में 330 स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा स्वेच्छानुसार पेंटिग तैयार की गई। उप संचालक डॉ.गीता सभरवाल ने आभार माना।
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