Advertisement
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने देशभक्ति पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि दूसरे की देशभक्ति को मापने का अधिकार किसी को नहीं है। यदि कोई खुद को देश का कर्ताधर्ता माने तो भी वो किसी की देशभक्ति नहीं नाप सकता।
पत्रकार विजय मनोहर तिवारी की पुस्तक ‘भारत की खोज में मेरे पांच साल’ के विमोचन समारोह में भागवत ने शनिवार को यहां कहा, ‘दूसरे की देशभक्ति मापने का अधिकार किसी को नहीं है। किसी को भी नहीं, मुझे भी नहीं। कोई अपने आपको इस देश का कर्ताधर्ता माने तो भी वो किसी की देशभक्ति कितनी है, यह नाप नहीं सकता या नाप कर उस पर बोल नहीं सकता।’
उन्होंने कहा कि हमारी आशा सागर का कोई किनारा नहीं है। ऐसी भक्ति की आंखों से देश को देखने के बाद देश समझ में आता है। इस पुस्तक के लेखों से यह आभास होता कि लेखक द्वारा ऐसी भक्ति की नजर से देश को देखा गया है।
Kolar News
|
All Rights Reserved ©2026 Kolar News.
Created By:
Medha Innovation & Development |